लॉकडाउन में साइबर अपराध का ग्राफ बढ़ा, सात दिन में 20 लोगों के खाते साफ, रहें सावधान


लॉकडाउन में साइबर अपराध का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। साइबर अपराधी कभी रुपये भेजने के नाम पर तो कभी गूगल पर कस्टमर केयर के नाम पर फर्जी नंबर डालकर खातों से रकम निकाल रहे हैं। आगरा के साइबर क्राइम थाना में पिछले एक सप्ताह में 20 मामले पहुंचे।
जिले में साइबर क्राइम थाना की शुरुआत 20 मार्च को हुई थी। थाना में आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के मामलों में मुकदमे दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। दो एसआई सहित सात सिपाही तैनात हैं। अब तक तकरीबन 20 शिकायतें रुपये खातों से निकालने की आ चुकी हैं।

केस : 1

फोन हैक कर खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाले
थाना लोहामंडी क्षेत्र की छात्रा ने टिकटॉक की आईडी बंद होने पर गूगल से कस्टमर केयर का नंबर लेकर कॉल किया। मगर वह नंबर साइबर अपराधी का निकला। उसने छात्रा के मोबाइल पर कॉल करके ईमेल पर एक लिंक भेजा।

इस पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया। छात्रा के यूपीआई से जुड़े दो खातों से 1.58 लाख रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई।
केस : 2
फोन पे लिंक से उड़ाए 16 हजार रुपये
शमसाबाद निवासी विनोद के पास 26 मार्च को एक कॉल आया। कॉल करने वाला परिचित की तरह बात करने लगा। विनोद के दोस्त का दोस्त बताया। विनोद से कहा कि वह 16 हजार रुपये भेज रहा है। इसके लिए फोन पे का नंबर मांगा। विनोद ने नंबर बता दिया।

इसके बाद विनोद के फोन पे एप पर एक लिंक आया। इसमें रुपये भेजने के बजाए, रुपये खाते से ट्रांसफर होने के बारे में लिखा था। विनोद ने लिंक पर क्लिक कर दिया। उसके खाते से 16 हजार रुपये कट गए। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की है।

नहीं हो रहीं एफआईआर

साइबर क्राइम थाना में फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं हो रही हैं। इसकी प्रमुख वजह है थाना के कंप्यूटर में सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) का अपलोड नहीं होना। इस कारण शिकायतों को निस्तारण के लिए रेंज साइबर सेल में भेजा जा रहा है।

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