मलिहाबाद क्षेत्र के गेहूं ,आम की तस्वीर
मलिहाबाद क्षेत्र में रात में भारी बारिश व तेज हवावों ने गेहूँ मटर ,आलू ,और आम आदि फसलों को काफी नुकसान हुआ है किसान सिर पकड़ कर रो रहें हैं उनकी समझ में नहीं आ रहा कि अब वह क्या करे तेज हवा और बारिश के कारण शुक्रवार को ठंड बढ़ गई। लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पड़े। हवा से बचाव के लिए लोग चादर ओढ़कर निकले।वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने सरसों, अगेती गेहूं और आलू की फसल के लिए इस बारिश को नुकसानदायक बताया है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो दिन भी मौसम के खराब रहने का अनुमान जताया है।
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश और 25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार की हवा ने आम जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दो दिन में जिले में 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसने किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी है।

वहीं तौल केंद्रों पर जलभराव के कारण तौल नहीं हो सकी। चीनी मिलों में नो केन की स्थिति हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि सरसों, गेहूं की अगेती फसल और आलू को भी नुकसान होगा। अगर बारिश और ओलावृष्टि जारी रहेगी तो किसानों को अधिक नुकसान होगा।
कंबलों में लिपटे लोग

मौसम के बिगड़े मिजाज ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है। बृहस्पतिवार देर रात तक बारिश होती रही। शुक्रवार सुबह बारिश हुई, इसके बाद तेज धूप खिल गई। दोपहर से शाम तक 25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम चार बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक होती रही। बारिश से जगह-जगह जलभराव हुआ।
मरीजों की बढ़ गई संख्या
मौसम का मिजाज बदलते ही सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मौसम बदलते ही लोगों को खांसी, नजला और जुकाम की बीमारियों ने घेर लिया


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